Secret Power of Ram Naam: How 16 Years of Chanting Unlocks 18 Divine Siddhis । Prashant Mukund
- Prashant Mukund Das
- Feb 14
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साधना असल में क्या होती है? क्या साधना का मतलब केवल जाप करना है या मन को भगवान में लगाना भी इसका हिस्सा है? जब माता पार्वती ने भगवान शिव से पूछा कि आप किसका ध्यान करते हैं, तो भगवान शिव ने “राम नाम” का जप करने को सबसे सरल क्यों बताया? राम नाम जपने से क्या होता है? इस बहुत ही खास Podcast में हमारे साथ मौजूद हैं Bhagwat Speaker & International Spiritual Guide Prashant Mukund Prabhu Ji जिनका कहना है केवल नाम जपने से भगवान का साक्षात्कार संभव है? भगवान का ध्यान लगाने का सही तरीका क्या है? क्या हमें मूर्ति पर ध्यान लगाना चाहिए, या नाम और स्वरूप की भावना से ध्यान करना चाहिए? ‘18 सिद्धियाँ’ पाने का क्या अर्थ है? ये सिद्धियाँ क्या-क्या हैं, और इन्हें पाने का उद्देश्य क्या होता है? इन 18 सिद्धियों को पाने में कितना समय लगता है? क्या ये समय साधना की गहराई पर निर्भर करता है? अगर कोई व्यक्ति 16 साल तक रोज़ 16 माला जाप करे 18 सिद्धियां प्राप्त होती है? क्या ऐसा साधक देवताओं से भी अधिक शक्तिशाली हो सकता है? ‘वाक् सिद्धि’ का क्या मतलब होता है?क्या सच में साधक जो बोले वह सिद्ध हो जाता है? क्या केवल जाप करना पर्याप्त है या उसमें भावना, विश्वास और नियम भी आवश्यक हैं? सच्चे साधक की पहचान क्या होती है? क्या भगवान के नाम का जप करने से संसारिक कष्ट भी मिटते हैं या केवल आत्मिक शांति प्राप्त होती है? क्या भक्त को वाक सिद्धि भी प्राप्त हो जाती है? आपको इस वीडियो में इन सभी सवालों के जवाब मिल जाएंगे।



Reading about the “secret power” of Ram Naam made me think back to a summer I spent at my grandparents’ ashram when I was twelve. I was skeptical at first, but after joining the nightly chant for just a few weeks, I started noticing subtle shifts—my anxiety faded, my sleep deepened, and I could focus on my studies without the usual mental chatter. It wasn’t a sudden miracle, but a gradual easing of the inner turbulence that had always haunted me https://www.wildtornado.casino/ A few years later, during a stressful job interview, I found myself recalling the mantra’s rhythm, and it steadied my breath enough to answer clearly. The story of Prashant Mukund’s 16‑year journey feels familiar, as if his dedication…